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Chitra Bhushan Shrivastava : Blogs

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M P TOURISM SPECIAL ....बन गया है पर्यटन एक लाभप्रद उद्योग अब

पर्यटन

प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव
ओ.बी. 11, एमपीईबी कालोनी
रामपुर, जबलपुर
मो. 9425806252


बंधी नियमित जिदंगी से होती है सबको घुटन
इससे मन बहलाव के हित जरूरी है पर्यटन

तेज गति के वाहनो से सुलभ अब आवागमन
घूमने जाने का इससे बढा दिखता है चलन

शिक्षा ने भी बढाया है परिभ्रमण का हौसला
इससे बढता जा रहा है टूरिज्म का सिलसिला

देश और विदेश में कई अनोखे स्थान है
जहां जाने देखने का मन में आता ध्यान है

ऐसे स्थल धार्मिक हैं प्राकृतिक या कलात्मक
और कई हैं ऐतिहासिक औद्योगिक या सृजनात्मक

पर्यटन सुविधाओ के भी हैं वहां साधन कई
और बढ़ती जा रही हैं आये दिन सुविधाये नई

स्थानीय लोगेां को मिल जाते सहज रोजगार भी
इससे नये नये केन्द्रो को रच रही सरकार भी

अलौकिक सुख शांति भी बिखरी वहां परिवेश में
खोजे गये हैं स्थल ऐसे देश और परदेश में

नदी निर्झर झील वन मोहक प्रकृति शोभा सुखद
अलौकिक सुख शांति है बिखरी जहां आनन्दप्रद

घोलती मधुरस जहां पर मन में नित प्राकृत छटा
बातें करती मौन सबसे प्रकृति हिलमिल सर्वदा

कान्हा ,सांची, पचमढ़ी , भेड़ाघाट और भीमपैठका
बुलाते हैं मौन सबको मिलने , देने आनन्द नया

अभय वन मे बाघ ,चीता , बायसन , और हिरण
सहज दिखते घूमते फिरते निडर सबसे बेफिकर

पर्वतो में विन्ध्य ,मेकल , सतपुड़ा की श्रंखला
बादलों की घटाओ में जिनसे मचती खलबली

नदिया अगणित पतित पावन ताप्ती ,क्षिप्रा, नर्मदा
महाकाल के दिव्य दर्शन जिनसे न मन होता विदा

किले जैसे ग्वालियर, माण्डू तथा चितौडगढ
है जहां इतिहास जीवित और जो अब भी सुदृढ

मूर्तियां खजुराहो की अब भी हैं सुंदर प्राणवान
जो धरोहर विश्व के इतिहास की सबसे महान

देश और विदेश मे लाखो सुघर स्थान हैं
जिनकी इस संसार में है प्रसिद्धि और सम्मान है

दर्शनीय स्थलो से मिलता ज्ञान अनुभव जागरण
बहुत सी नई जानकारी और खुश होता है मन

बन गया है पर्यटन एक लाभप्रद उद्योग अब
कर रहे विस्तार इसका इसी से हैं देश सब

आइये इसका यथोचित हम भी तो शुभ लाभ लें
इस नवल उद्योग को बढने में समुचित साथ दे।






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Chitra Bhushan Shrivastava

Public & Government Service

Madhya Pradesh ,  INDIA

प्रो.सी.बी.श्रीवास्तव "विदग्ध"

वरिष्ठ साहित्यकार , कवि , अर्थशास्त्री , शिक्षाविद्

बंगला नम्बर ओ.बी.११ ,विद्युत मंडल कालोनी , रामपुर , जबलपुर म.प्र.

मो. ०९४२५४८४४५२

जन्म २३मार्च १९२७ , मण्डला म.प्र.

शिक्षा एम.. हिन्दी , एम..अर्थशास्त्र ,साहित्य रत्न , एम.एड.

सेवा शासकीय शिक्षण महाविद्यालय जबलपुर से सेवानिवृत प्राध्यापक

आकाशवाणी व दूरदर्शन से अनेक प्रसारण

प्रकाशन १९४६ में सरस्वती पत्रिका में पहली रचना प्रकाशित , निरंतर पत्र पत्रिकाओ में कविताये , लेख , छपते रहे हैं .

साहित्यिक किताबें ईशाराधन ,वतन को नमन ,अनुगुंजन ,नैतिक कथाये ,आदर्श भाषण कला ,

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