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Rakesh Kumar Shrivastava : Blogs

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एक याद

तुम चले गए,
स्वर रूठ गए .......

सीमायें तोड़ गए सपने,
बंजारे हुए गीत सारे ,
अब अंधियारों की बस्ती में ,
ख़ामोशी ही ख़ामोशी है .

अब दृष्टि की ऊचाई तक -
ख़ामोशी है, खालीपन है,
पर-नुचे पंछी से शितिज पर-
न संध्या स्वप्न सजाती है,
न उषा की लालामी है.

आकाश न फेला, सिकुड़ा है,
न सीमायें ही बदली हैं ,
पर उड़ने बाले पंछी ही
न जाने किस वन- वीथी में
चुपके से जा छुप बैठे हैं.

तुम भी तो चले गए हो खुद
पर क्या बदला ?_
जीवन अब भी , सपनो सी एक पहेली है _
एक चादर है टुकड़े -टुकड़े
प्रश्नों के शव पर ढंकी है,
अब अंधियारों की बस्ती में _
ख़ामोशी ही ख़ामोशी है.

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Rakesh Kumar Shrivastava

Academic/Science/Research

Madhya Pradesh ,  INDIA

My profile can be writeen on the reverse of of a revenue stamp (borrowing from Khushbant Singh on Amrita Pritam).

I am a medical professional studied, practiced and taught medicine in India and USA.

Presently, working as a Consultant in Advanced Medicine in Bhopal ( India)

Like reading and writing (ocassionally).

Dr. Rakesh Kumar Shrivastava

MD(AIIMS),FACP(USA),FICA(Boston),FCCP(USA)

E-2/ 265, Arera Colony, Bhopal - 462016

Telephone : 0755- 4249973, 4249982

Mobile : +919893054254

Email: drrakeshshrivastava@hotmail.com

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