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Jyoti Verma
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I dont know what to call it -impatience or ignorance,lack of trust or wisdom........Nowadays parents want every comfort for their dear ones noone wants them to be rough and tough or they are not aware what they are doing!!!!!!!!They just want them to be possessers and agressors !!!!!!!!!!sometimes I wonder !!!!!!!!and unable to understand that with this type of training for them where we are directing them to move????????? I often ask myself -is this awareness???or arrogance??? few days back I was watching an episode of a serial "Kya hua tera Vaada " on Sony TV and there a girl named Annika very beautifully told her mother how important it is to reprimand a child to make him a better person..........without reprimand these children are not going to mend themselves or polish their lives if they keep on getting everything ready on demand I may be wrong but I feel very sad whenevr I see a child saying" साडा हक ऐथे रख!!!!!!!!!!!!! " because I am waiting for the day to hear" हक हमारा हम से कोई छीन नहीं सकता !!!!!!!!!!! बस थोडा अपना कर्त्तव्य निभाने दो हमे आज अपना कर्त्तव्य, अपना दायित्व भी समझने दो !!!!!!!!" If I said anything wrong friends! kindly excuse me!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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Dear Anupama Prashar ! I was able to craft a poem with the words given by you-"we owe you a lot" Therefore I am sharing it with you here....Kindly read if you get time. Dear Parents Dear Parents We owe you a lot As you are the Light Who enlightned my Path whenever I was not Bright Dear Parents Dear Parents We owe you a lot !!!!!!!!!! As you are the Pilot who helped me to fly whenever in clouds I lost Dear Parents Dear Parents We owe you a lot !!!!!!!!!! As you are the mentor who took out the Best Hidden in the soul of mine Dear Parents Dear Parents We owe you a lot As you are the Person who made me smile whenever I was frowned Dear Parents Dear Parents We owe you a lot As you are my "magic lamp' who helped me to gat whatever I wanted as a Stamp Dear Parents Dear Parents We owe you a lot !!!!!!!!!!!
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Wednesday, May 22, 2013
12:34:27 PM
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Nani Manna
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Wednesday, May 22, 2013
12:53:33 AM
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Ambreen Zaidi
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Jyoti Verma
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मैडम !अनुपम पराशर जी ! आपके द्वारा दी गयी पंक्ति" हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!!" को कविता रूप में ढाल पाई और इसलिए आपके साथ सांझा भी कर रही हू| उम्मीद करती हू कि अप इसे पसंद करेंगी |
हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!! कि आप ही से तो ये दुनिया हसीं है अपने हम को चलना सिखाया गिर के उठना और उठ के फिर से चलना ऐसा होंसला !!!!!!!!!!हम ने आप ही से तो है पाया हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!! अपने हमको हसना सिखाया रो के हसना और हस्ते हस्ते जीवन में आगे बढ़ना ऐसा साहस- हम ने आप ही से तो है पाया हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!! अपने ही तो धैर्य रखना सिखाया जीवन में हो कैसे भी रस्ते "तंग गलिया" या "अँधेरे कुए " उनमे भी कैसे रौशनी का दामन थामे जीत को है गले लगाना !!!!!!!!!! ऐसा वर्चस्व - हमने आप ही से तो है पाया हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!! कि आप ही से तो ये दुनिया हसीं है अपने हम को अनुशासन बताया नियमो में रह के जीवन यापन करना बताया ऐसी अनवरत नियमबधता को हम ने आप ही से तो है पाया हम आपके ऋणी है !!!!!!!!!!! धन्यवाद सहित ज्योति वर्मा
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Wednesday, May 22, 2013
12:37:57 PM
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Nani Manna
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From
Jyoti Verma
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सूरज सा चमकना दिन रात सा चलना कभी न थकना कभी न हारना अनवरत निरंतरता!!!!!!!!!! के भाव में बहते रहना चाँद से शीतल रहना तारो से सदा टिमटिमाना कभी न धैर्य खोना कभी न तुम हारना बस ............. सूरज सा चमकना दिन रात सा चलना न कोई शिकायत न कोई रंजिश बस .......... कर्तव्य -परायणता में लीन धरती माँ के जैसे ......... हो कोई पीपल का वृक्ष जैसे सदा बस ऐसे ही ........... धैर्य से , सूझ बूझ से , वीरता से संयम से जीवन में ............. निरंतरता की डोर थामे उड़ते रहना ........!!!!!!!!! सूरज सा चमकना दिन रात सा चलना कभी न थकना कभी न हारना !!!!!!!!!!!! धन्यवाद सहित ज्योति वर्मा
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From
Jyoti Verma
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अधूरे सपने उभरते सपनो से जब जब टकराए कभी अडचने ,कभी मुश्किलें तो कभी पत्थर भी रास्तो में आये !!!!!!!!१ पर जब अधूरे सपने उभरते सपनो का आधार बने तो !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!१ न कोई मुश्किल और न ही कोई पत्थर कभी कहीं टिक पाए !!!!!!!!!!! बस मन चाँद सा शीतल होता जाये !!!!!!!!!!!!!!!!१
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Saturday, May 11, 2013
10:13:19 AM
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Yogeshwar Dubey
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Wednesday, May 08, 2013
9:14:15 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Tuesday, May 07, 2013
10:31:20 PM
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From
Nani Manna
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From
Jyoti Verma
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बूँद जो न होती सागर कहाँ से आता बूँद है तो सागर भी है बूँद नहीं तो सागर का भी अस्तित्त्व कहीं नहीं !!!!!!!!!! मिटटी का कण जो न होता तो पर्वत कहाँ से आता कण है तो पर्वत भी है कण नहीं तो पर्वत का भी निशाँ कहीं नहीं एक जो न होता तो शून्य कहाँ रह पता एक है तो शून्य है एक नहीं तो शून्य का भी कोई स्थान नहीं !!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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Few days back watched a serial 'BADE ACHCHE LAGTE HAIN" a serial by Ekta Kapoor. Actually felt nice after seeing the message it was conveying to the parents of growing children and the way it was conveyed. It was really marvellous.Ekta kapoor changed the trend of her serials from deaths and ridiculous revival of people, saas bahu traumas and focused on social problems faced by the society and its solutions it was really aplaudable - HOW Priya gave a twist to her daughter's thought process!!!!!!!!!!from a pampered child to a contributive child wonderful journey and wonderfully tackled by a mother !!!!!!!!!!!claps!11The society, the coming generation actually will be amazing!!!!!!!!1If every parent every mother starts thinking and behaving in this manner!!!!!!!!!!!!!I really loved that particular scene!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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जो कहा वो जिया जो जिया वो कहा ऐसा अनुशासन जीवन में प्रकृति सा सौन्दर्य लाया !!! जो कहा वो जिया जो जिया वो कहा सदैव सफ़ेद कागज़ सा रहा !!!! तो जीवन कुंदन सा चमचमाया!!!!!!!!!!!!!! !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!यह चंद पंक्तिया प्रोफेसर प्रेम मोहन जी को समर्पित !!!!!!!!!!!!!!!! धन्यवाद !!!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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करुणा सद्भावना कर्तव्य्प्रय्ना तुझ बिन चले न ये संसार की पथ्गामिनिया !!!!!!!!!!! झुकता है शीश देख के तेरी कुर्बानिया !!!!!!!!!!! वीरांगना साधना अन्न -पूर्णा रह जाते हैं खुले नैना देख के, सुन के तेरी साहस भरी कहानिया !!!!!!!!!!!!!! महिला दिवस की सभी को शुभ कामनाये !!!!!!!!!!!!! Happy women's day!!!!!!!!!!
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Saturday, March 09, 2013
4:35:33 PM
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Jyoti Verma
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Posted on
Friday, March 08, 2013
10:36:39 PM
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From
Nani Manna
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Posted on
Friday, March 08, 2013
10:03:14 PM
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From
Yogeshwar Dubey
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From
Jyoti Verma
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मैं धूल का कण तूने माथे का तिलक किया मुझे मैं एक तिनका मात्र तूने नदी का सहारा दिया मुझे मैं केवल एक तुच्छ प्राणी तूने दिल में बसा अमरता का रस दिया मुझे मैं एक बूँद मात्र तूने सागर में मिला विशालता का रूप दिया मुझे मैं एक पत्थर मात्र तूने घड घड मूरत किया मुझे मैं केवल एक भिखारी तूने गले लगा दातो में शामिल किया मुझे मैं एक धुल का कण तूने माथे का तिलक किया मुझे !!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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जीवन एक संघर्ष फिर भी है हर्ष हर्ष - संघर्ष पे जीत का !!!!!!!!!!!! हर्ष - हार में भी जीत का !!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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सोच के बादल न जाने कहाँ कहाँ ले गए !!!!!!!!!!!!!!!! कभी बीच गगन ,कभी पाताल डगर !!! तो कभी सागर ताल !!!!!!!!!!!!! जाने कैसे कैसे बिछाये जाल फंसता जाये पागल मनवा समझ न पाए कोई चाल !!!!! और नाचे नाच झूम झूम के हो चाहे कैसे भी ताल !!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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गणतंत्र के कदमो की गूँज रही पदचाप है जिधर देखो तिरंगे की आज छाप है गगन में उड़ते पंछी भी आज गुनगुना रहे भीनी भीनी सी आवाज़ देश के स्वंत्रता सेनानियों को है हमारा सलाम !!!!!!!!!हमारा सलाम और साथ ही कर रहे पुकार भी ये आज फिर न हो कभी ये देश गुलाम -२ आओ मिलके ले शपथ ये आज !!!!!!!!! 'जगत गुरु ' फिर से कहलायेगे ! हर प्राणी के दिल में सम्मान और आशा जगायेंगे !!!! इस देश को फिर से भारत कहे या हिन्दुस्तान महानता के शिखर पर ले जायेंगे !!!!!!!!!!!!! जय हिन्द !!!!जय हिन्द !!!!जय हिन्द !!!! का शंख फिर बजायेंगे और भारत के सपूत फिर से' भरत' जैसे 'शेर ' कहलायेंगे !!!!! १आओ मिल के ले शपथ ये आज !!!!!!!!!!! गणतंत्र के कदमो की गूँज रही पदचाप है गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाये !!!!!!!!!!!
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Posted on
Saturday, January 26, 2013
9:40:46 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Saturday, January 26, 2013
12:54:37 PM
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From
Nani Manna
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From
Jyoti Verma
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फूल मिला कांटे से तो शान बनी रे !!! तो मान बढ़ा रे !!! अकेला फूल तो बस कुचला गया !!!!!!!!! या हथिया लिया गया अकेला काँटा न कभी सराहा गया अकेले कांटे के न कोई पास गया रे !!!!!!!! फूल मिले फूलो से तो 'गुलदस्ता 'बने रे अकेले फूल से कब बगिया खिली रे !!!!!! फूल मिले फूलो से तो शान बनी रे !!!! तो मान बढ़ा रे !!!!!!
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From
Jyoti Verma
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जीवन एक रूप अनेक जीवन की मुश्किलें भी एक ......... पर रूप अनेक ...... आकार भिन्न -2 कहीं मुश्किल बनी मुश्किल तो कहीं मुश्किल ... बनी अवसर !!!!!!!!!! जीवन एक रूप अनेक जीवन की विचित्रता एक पर अनुभव अनेक !!!!!!!!!! कहीं बन अस्वीकार्य ... बिखेरते भेद अनेक .... और भर देते ] करवाहते .... और कहीं बन स्वीकार्य !!!!!!!!!!! देते बिखेर !!!!!!!!! अपनापन और मिठास और बिखेरते खुशबू और उल्लास !!!!!!!!!!! जीवन एक रूप अनेक कहीं बन सूर्यदेव !!!!!!!!!!!!! करते आलोकित और देते ऊष्मा तो कहीं बन चन्द्र देव !!!!!!!!!!!!! करते प्रदान शीतलता !!!!!!!!!!!! जीवन एक रूप अनेक कहीं बन फूल से रस्ते देते बना मखमल से तो कहीं बन कांटे ये देते पथ कंटीले ये जीवन एक रूप अनेक कभी प्रेम और स्नेह ये तो कभी नफरतो का अम्बार दे जीवन एक रूप अनेक
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Posted on
Wednesday, January 16, 2013
9:15:25 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Tuesday, January 15, 2013
9:48:06 PM
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From
Nani Manna
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From
Jyoti Verma
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इस जीवन बगिया में फूल रंग -बिरंगे कोई गेंदा- गुलाब कोई जूही तो कोई चंपा चमेली इन सबसे मिलके बनती है "बगिया " सहेली इन सबका काम खुशबू फैलाना 'मन आँगन ' को महकाना ...... खुशबू अलग ......... काम एक है मगर ढंग अपना -2 लिए खिलते हैं ये सब रूप अपना -2 लिए इनके भिन्न रूपों से बनती है 'बगिया ' खिलती है बगिया निखरती है बगिया जीती है बगिया इस जीवन बगिया में रूप देखो कैसे कैसे कोई कबूतर, कोई बिल्ली कोई शेर तो कोई चूहा कोई गधा तो कोई घोडा सहेली ................ इन सब रूपों से चलती है ' सवारी '........... कोई रेंगती जमीन पे कोई दौड़ती तो कोई उडती आसमान में करती हवा से बातें न्यारी !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! इन सब से खिलती है इस 'जीवन बगि'या की क्यारी !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! इस' जीवन बगिया 'मव देखो कैसी कैसी आवाज़े प्यारी !!!!!!!!!!! कोई कहे gutargun कोई बोले म्याऊ म्याऊ कोई करे चत्तर -पत्तर तो कोई बजाये' गीत ' धुन पे सुरीली !!!!!!!!!!! इन सब ध्वनियो से गूंजती है गुनगुनाती है ये 'जीवन बगिया ' सुहानी इन सब से मिलके ही तो बनती है ये बगिया इतनी रंगीली ,नशीली और लुभावनी !!!!!!!!!!! इस 'जीवन बगिया ' की है बड़ी अजब गजब कहानी इस 'जीवन बगिया ' की है बड़ी अजब गजब कहानी
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From
Jyoti Verma
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मिलता बीज जब मिटटी में ............. तो नव अंकुरण होता मिलती' मैं' जब स्वयं में ............... तो नव्करण मानव का होता मिट जाता अहम् जब सर्व में .................... तो नव युग निर्माण होता मृत्यु नहीं मृत्यु हे मानव ! !! यह नवजीवन संचार है जो मिला जैसा मिला उसे स्वीकार कर प्रकृति की धुन में बहने की रिवायत है जो मिला यही से मिला यही पर पैदा हुआ यही पे मिल जायेगा इस फरमान की तामील है मृत्यु नहीं मृत्यु हे मानव ! !! यह नवजीवन संचार है
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From
Jyoti Verma
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Why couldn't we get BLOGGERS PARK ISSUE FOR THE MONTH OF OCTOBER?First time it happened with us but why?Can anyone tell us???????
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Tuesday, November 13, 2012
8:01:24 AM
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From
Prof. Prem Mohan Lakhotia
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Saturday, November 10, 2012
4:05:43 PM
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Dr Tarun Goklani
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Posted on
Friday, November 09, 2012
8:28:00 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Wednesday, November 07, 2012
7:58:45 AM
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From
Prof. Prem Mohan Lakhotia
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Posted on
Monday, November 05, 2012
7:57:00 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Sunday, November 04, 2012
7:12:59 AM
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From
Prof. Prem Mohan Lakhotia
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Posted on
Sunday, November 04, 2012
7:03:44 AM
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From
Prof. Prem Mohan Lakhotia
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Posted on
Thursday, November 01, 2012
1:20:13 AM
Modified on
Thursday, November 01, 2012
1:20:34 AM
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From
Radhika Jonnalagedda
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Posted on
Wednesday, October 31, 2012
8:51:04 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Wednesday, October 31, 2012
6:15:37 PM
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From
Ashfaq Ahmad
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Posted on
Wednesday, October 31, 2012
4:23:09 PM
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From
Dr Tarun Goklani
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From
Jyoti Verma
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वो दिखता बहुत आम था कभी अवगुणों की खान था पर आवाम के लिए बना वो खासम खास था क्यूंकि !!! अपने अवगुणों को उसने पहचाना था पहचान के उनको माना था स्वीकारा था इतना ही नहीं उसने तप किया साधना की और एक एक अवगुण की आहुति दी !!!!!!!!!!!!!!!!!! फिर कहीं जा के इस जग ने उसे 'महात्मा' माना था यात्रा का पथ उसका आसान न था !!!!!!!!! बदले उसने कई रास्ते थे टूटे हुए तारो को उसने जोड़ा था बिगड़े हुए कामो को संवारा था गिरते हुओ को उठाया था तख़्त पलते थे उसने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था तब कहीं जा के !!!!!!!!!!!११ इस जग ने उसे हाँ इस जग ने उसे महात्मा माना था !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
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Posted on
Tuesday, October 30, 2012
9:49:17 PM
Modified on
Tuesday, October 30, 2012
9:50:13 PM
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From
Jyoti Verma
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Posted on
Monday, October 29, 2012
7:16:08 AM
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From
Prof. Prem Mohan Lakhotia
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From
Jyoti Verma
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कभी हम किसी को न समझे कभी कोई हमे न समझा इस समझने समझाने के झमेले में न जाने कैसे कैसे जिन्दगी को हमने झेला !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! कभी बनी ये मेला तो कभी लगे ये ठेला भार जिसका ढोया हमने कभी बन गधा तो कभी बन घोडा !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! कभी बनी गहरा सागर ये तो कभी खुला आसमान नीला नापी जिसकी विशालता हमने कभी बन गोता खोर तो कभी.. हो सवार उड़नखटोला !!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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गाँधी के तीन बन्दर छोटे छोटे सीख दे काम के और सपने दे बड़े बड़े !!!!!!!!!!!!! न मानो रहो तो कुछ भी नहीं बस घुलते रहो पड़े पड़े मानो तो संवार दे जीवन को ये जैसे हो कोई मूरत घड़े घड़े !!!!!!!!!!!!!! HAPPY GANDHI JAYANTI!!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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सड़क पर चलता आदमी यानि आम आदमी परेशानियों से जूझता आदमी हालातो से लड़ता हुआ आदमी !!!!!!!!!!!!!! फिर भी चेहरे पे मुस्कान बरकरार रखे चलता हुआ आदमी !!!!!!!!!! हर तूफ़ान से लड़ता आगे बढ़ता हुआ आदमी !!!!!!!!!!!!!! थकान से चूर मगर स्वभाव में मिठास और शिष्टाचार की डोर को संभाले हुए आदमी !!!!!!!!!!!!!! सड़क के पत्थरों से जूझता हुआ हर मुश्किल का सामना करता हुआ आदमी !!!!!!!!!!!!!! फिर भी चरित्र की ऊँचाई पे खड़ा आदमी !!!!!!!!!!!!!!! क्या "गुरु की छवि " नहीं ??? क्या महात्मा का रवि " नहीं ??? मेरा शीश झुकता है अगर कहीं तो बस यहीं बस यहीं बस यहीं !!!!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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पत्थरों में ढूँढता रहा पत्थरों में ढूँढता रहा मंदिरों में खोजता रहा कभी इस दर तो कभी उस दर मैं भटकता रहा मगर रु -ब- रु तुझ से मैं हो न पाया जिस दिन हांड मांस के पुतलो के अंदर धडकते दिलो का आभास हुआ हर पल हर क्षण तेरे होने का अहसास मैं प् गया !!!!!!!!!!!!!!!!! बहुत ही खूब कुछ इसी तरह का सन्देश देती थी फिल्म o my God बहुत ही बढ़िया तीखा कटाक्ष , बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में आज के समाज की मानसिक सोच को दर्शाती हुई ये फिल्म और उससे भी बढ़िया सोच को बदलने को प्रेरित करती विचारधारा मिथुन दा और परेश्रवल का अभिनय और अक्षय कुमार के stunts बहुत ही प्रभावशाली ढंग से हरेक विचार को दर्शा रहे थे | कितना सही कहा गया है आज हम समाज में किस तरह से धर्म से जुड़ रहे हैं !बिना उसके अर्थो को समझे और महत्तव को जाने बस अंधाधुन्द हर काम को करते जा रहे न परिणाम सोचा न उसका हल सोचा बस भेद चाल में शामिल होते जा रहे !अगर मात्र जो जो बोलते हैं उनके भावो को उनके मायनों को पहचानना शुरू करे तो और जीवन में उतरना आरम्भ करे तो जीवन में जो इतनी अशांति के भाव हैं वो शायद टिक भी न पाए ! मंदिर में भरी भरकम दान दान तो कर देते हैं लेकिन वो जो एक छोटा सा अंश इश्वर ने हमारे भीतर अपना छोड़ा हुआ है उससे न तो कभी जुड़ने की कोशिश करते हैं न उसे कभी उस परमपिता से जोड़ने की कोशिश करते हैं और न ही सजग रह पाते हैं और परिणाम होता है exploitation, frustation समाज का पतन या फिर शायद हम ये सब सीखते नहीं या इसका चलन नहीं या फिर शायद सिखाया ही नहीं जाता ! बहुत ही म्ह्त्ताव्पुरण सन्देश मेरे विचार में प्रत्येक व्यक्ति को ये फिल्म अवश्य देखनी चाहिए और विचार और मनन करना चाहिए !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!धन्यवाद !!!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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हमारे पंखों में अब परवाज़ है हौंसलो में अब उड़ान है मंजिलो की परवाह नहीं रास्तो की भरमार है अबला नहीं कमज़ोर नहीं माँ बाप के लिए बोझ नहीं हम बेटिया अब अभिमान हैं !!!!!!!!!! हम बेटिया अब अभिमान हैं !!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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कौन कहता है भाषाओं ने सीमा में बांधा है ??? अपने दर्रो-दीवार से ऊंचा उठ के तो देखो कितने इंसानियत से भरे आज भी जहाँ में नर और मादा हैं !!! कौन कहता है सीमाओं ने देशो को बांटा है ??? ज़रा निगाह उठा के परिंदों को तो देखो इनकी परवाज़ को कहाँ कोई बाधा है ??? कौन कहता है भाषाओं पे हक एकाधा है ??? बेलारूस में बैठी एक सुश्री अलेसिया करे जो काम देशी भाषा में कम और हिंदी में जिअदा है और हम तुम तो है सब 'हिन्दुस्तान के बाबा ' बोलना पड़े हिंदी में तो करे हाए-तौबा " हाए!!! रब्बा कौन कहता है भाषाओं ने सीमा में बांधा है ??? ज़रा विदेशो में जा के तो देखो वहां हिंदी के दीवाने कितने जिआदा हैं!!! मिले न पढने को हिंदी तो कैसे किये साधन उन्होंने इजाद बा -इरादा हैं "हिंदी "की अमृत रुपी मिठास और सुन्दरता ने कैसे लोगो के दिलो को बाँधा है कौन कहता है भाषाओं ने सीमा में बांधा है ??? हिंदी दिवस की बहुत बहुत बधाई !!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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What teaching actually means to a teacher!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! Teaching is a mission, a Passion and not a mere Profession A mission !!!!!!!!!!!!! to nurture every seed to BE A PLANT A mission!!!!!!!!!!!!!!! to achieve Perfection through imperfections........ Teaching is a mission, a Passion and not a mere Profession A mission!!!!!!!!!!! to transform every drop into ocean A mission to fill every heart with Life!!!!!!!!!!!!! Teaching is a mission, a Passion and not a mere Profession A mission!!!!!!!!!!!!! to give Right Direction to the Journeys Bright A mission !!!!!!!!!!!A passion to transform Poisons into medicines.................... Teaching is a mission, a Passion and not a mere Profession A mission !!!!!!!!!A Passion to shape the Future A mission !!!!!!!!!A passion to transcend knowledge cheerfully and joyfully A mission !!!!!!A Passion to transcend strengths,courage and wisdom Teaching is a mission, a Passion and not a mere Profession HAPPY TEACHERS DAY!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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India of my dreams!!!!!!!!!!!!! one ocean and many streams flowing in prosperity growing in Faith progressing always Becoming great, great and so Great!!!!!!!!!!!!! that everyone craves wants to be A PART OF ITS FATE India of my dreams!!!!!!!!!!!!! One Moon and many stars Everything is moving on its Track................ without any hurdles Trains are having A CAKE-WALK India of my dreams!!!!!!!!!!!!! One Son and many clouds Everyone is playing its Part!!!!!!!!!!!!!!! with zest and zeal and in a Contributive team India of my dreams!!!!!!!!!!!!! Trees, trees and trees around......................... spreading healthy, cool breeze............... and loads of grains and greens.............. India of my dreams!!!!!!!!!!!!! GANDHI , SUBHASH ,BHAGAT AND PATEL seen in every child's Frame wiping out cruelty, chains and inhumane scenes Trascending Humanity full of strength,honesty and purity serene!!!!!!!!! India of my dreams!!!!!!!!!!!!!India of my dreams!!!!!!!!!!!!! A PURE HEAVEN !!!!!!!!!!!11IN GOD'S DOMAIN!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!1
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From
Jyoti Verma
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On the eve of Independence Every heart is singing the song .......... of True Independence On the eve of Independence Every soul is singing the song......... of Happiness!!!!!!!!!!! On the eve of INDEPENDENCE HAPPY INDEPENDENCE DAY!!!!!!!!!!!!! JAI HIND!!!!!!!!!JAI HIND!!!!!!!!!!!JAI HIND!!!!!!!!!
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From
Jyoti Verma
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स्वतंत्रता दिवस के आगमन पर स्वतंत्र जीवन का आगाज़ हो परतंत्रता का दमन हो स्वतंत्रता दिवस के आगमन पर हर दिल ख़ुशी से आबाद हो स्वतंत्रता दिवस के आगमन पर
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From
Jyoti Verma
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मौत का तो मुझे अनुभव नहीं लेकिन जिंदगी इतनी आसान कहा ??? रोज़ मरती है ज़िन्दगी कहीं व्रता बनी तो कहीं पतिता बनी मौत का तो मुझे अनुभव नहीं लेकिन जिंदगी इतनी आसान कहा ??? रोज़ मरती है ज़िन्दगी कहीं दासी बनी तो कहीं लाचार बनी मौत का तो मुझे अनुभव नहीं लेकिन जिंदगी इतनी आसान कहा ??? रोज़ मरती है ज़िन्दगी ..... कहीं भूख से परेशां तो कहीं अपकार बनी मौत का तो मुझे अनुभव नहीं लेकिन जिंदगी इतनी आसान कहा ??? रोज़ मरती है ज़िन्दगी .... कहीं दर्द बनी तो कही दवा बनी .....
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From
Jyoti Verma
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तस्वीरे तो जवान अक्सर रह जाती है बूढ़े तो बस .............. चेहरे हुआ करते है यादें तो ताज़ा अक्सर रह जाती है धुंधली तो बस ........... यादाश्त हुआ करती है इमारते तो यूँ की यूँ अक्सर रह जाया करती है बदल तो बस ..................... वक़्त जाया करते है ........
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From
Jyoti Verma
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शब्द बोलते है कभी कड़वा तो कभी मीठा शब्द चलते हैं कभी तेजी से तो कभी धीमे से शब्द काम करते है कभी अच्छा तो कभी बुरा शब्द घुल जाते है कभी 'अमृत रसपान से ' तो कभी कडवे ज़हर से शब्द असर करते है कभी तीखी तलवार की धार से तो कभी फूलो की बोछार से शब्द सैर करवाते है कभी चोटियों के शिखर पर तो कभी वादियों में पहुचाते है शब्द........................ कभी ताक़त बन dhaandus बंधाते तो कभी संसूचक बन आत्मा को टटोलते और सोचने को कहते शब्द बोलते है .............
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From
Jyoti Verma
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माही चली गई गड्डों को खाली छोड़ माँ को देते हुए घाव .............. उम्र भर का माही चली गई गड्डे तो शायद भर जायेगे आज नहीं तो कल पर माँ के मन पे लगा जो घाव ......... उसको कौन भरेगा ??????????????????
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From
Jyoti Verma
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1.जब आँखों में हो चमक आशा की ............. जब दिल में हो धड़कन विश्वास की ........ तो चमकती है तस्वीर जिन्दगी की ................ २. वक़्त की लकीरों ने छोड़े निशाँ ........... कभी चेहरे पे तेरे कभी चेहरे पे मेरे कभी सुबह सवेरे कभी घने अँधेरे .............. ३. क्या सपने मैंने बुने थे क्या सपने मैंने चुने थे उन सपनो का अंजाम क्या तय हुआ था और क्या अंजाम मैं उन सपनो को दे पाया मेरी तकदीर बस इस अंतर से जुडी थी ........... ४.God made a country man made the towns then his cravings for the crown.......... created many frowns........
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