उद्योगों के लिये भूमि अर्जन की कार्यवाही में तेजी
मध्यप्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक निवेश के मद्देनजर उद्योगों के लिये भूमि अर्जन की कार्यवाही भी तेजी से की जा रही है। अधिग्रहीत की गयी भूमि पर उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के कार्य शुरू किये गये हैं। इस वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक प्रदेश के आठ जिलों में कुल 1138.028 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया। उद्योग विभाग ने इस भूमि का आधिपत्य भी ले लिया है। औद्योगिक विकास केन्द्र निगम (एकेवीएन) अब अपने क्षेत्राधिकार की भूमि पर अधोसंरचना विकास के कार्य करेंगे। एकेवीएन भोपाल को ग्राम रूसिया की 106.006 हेक्टेयर, ग्राम पाराखेड़ी की 29.211 हेक्टेयर और कीरतपुर (होशंगाबाद) की 10.118 हेक्टेयर भूमि सौंपी गयी है। ग्राम रूसिया और पाराखेड़ी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा। जबकि कीरतपुर में सांवरिया ग्रुप ऑफ कम्पनीज द्वारा 200 करोड़ रुपये की लागत से फूड पार्क स्थापित किया जायेगा। एकेवीएन जबलपुर को पिछले वर्ष नवम्बर में मानेगांव (जबलपुर) में औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिये 47.700 हेक्टेयर भूमि सौंपी गयी। उसके क्षेत्राधिकार के विभिन्न जिलों की कुल 944.993 हेक्टेयर भूमि उसे पहले ही सौंपी जा चुकी है। इनमें से लहगारूआ (छिन्दवाड़ा), भुरकल खापा (सिवनी), जमलापानी और सेमरा कटनी में फूड पार्क के अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास कार्य किये जायेंगे। उमरिया-डुंगरिया (जबलपुर) और खबरपीपला (छिन्दवाड़ा) में प्राप्त भूमि पर औद्योगिक केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। जबकि विनाकी (सिवनी) में अधिग्रहीत की गयी भूमि पर एक मेगा प्रोजेक्ट की स्थापना होगी। source:mpinfo.org
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