क्या अर्जुन सिंह का राजनैतिक कैरियर खत्म ?

प्रधानमंत्री मनमोहन सिह की कैबिनेट में मध्यप्रदेश के वरिष्ट नेता अर्जुन सिंह के शामिल न किए जाने को लेकर सिंह के राजनैतिक कैरियर को खत्म होने का सकेंत माना जा रहा है। अर्जुन सिंह ने अपने राजनैतिक कैरियर में कई उतार चढ़ाव देखें है और कई बार जब ऐसा लग रहा था कि उनका समय खत्म हो गया है तो उन्होंने जोरदार वापसी भी की है।

उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण को लागू करने को लेकर चर्चा में रहें अर्जुन सिह का नाम हालांकि राज्यपाल बनाए जाने को लेकर भी चल रहा है।

अर्जुन सिंह के राजनीतिक कैरियर पर नजर डाले तो हम पाते है कि 1980 से 1985 का समय उनकें राजनैतिक कैरियर का गोल्डन समय था। यह वहीं समय था जब अर्जुन सिंह का नाम मध्यप्रदेश के सबसे ताकतवर मुख्यमंत्री के रूप में लिया जाता था।

यह वहीं समय था जब 1980 में कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में सभी 40 की 40 लोकसभा सिटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि ये चुनाव देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए थे लेकिन मध्यप्रदेश में अजरुन सिह के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता है।

अर्जुन सिंह ने अपने राजनैतिक कैरियर में इससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण समय देखें है और उनका सामना कर बाहर निकेलें है । लेकिन इस बार स्थितियों में थोड़ा बदलाव है और इसका कारण उनकीं बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का होना है।

 

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